काशी दीप विजन वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता -नीजीकरण के विरुद्ध विद्युतकर्मियों का धरना प्रदर्शन दसवें दिन भी रहा जारीवाराणसी -- निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मियों का भिखारीपुर स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय पर दसवें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। कर्मचारियों ने ग्राण्ट थाटर्न का पावर कारपोरेशन में नया टेंडर घोटाला सामने आने के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु अवैध ढंग से नियुक्त किए गए ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट ग्राण्ट थाटर्न का नियुक्ति आदेश तत्काल रद्द करने की मांग किया। संघर्ष समिति वाराणसी द्वारा आज यह निर्णय लिया गया कि सोमवार से संघर्ष समिति के पदाधिकारी जनता के बीच में जाएंगे और सोमवार से अलग-अलग क्षेत्र में जाकर जनप्रतिनिधियों से मिलते हुए वहां के बिजली कर्मियों को संबोधित करेंगे। संघर्ष समिति ने पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉक्टर आशीष गोयल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 27 मई को सायंकाल उपभोक्ताओं का ब्रेकडाउन अटेंड करने एवं उपभोक्ता सेवा को प्राथमिकता देने के कारण 87 अधिशासी अभियंताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रबंध निदेशकों को आदेश जारी किया है जिससे अभियंताओं और कर्मचारियों में भारी रोज व्याप्त हो गया है। निजीकरण के विरोध में आज भी प्रांत भर में बिजली कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा। निजीकरण के विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन से उत्साहित उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारी संविदा कर्मियों और अभियंताओं ने आज शुक्रवार को बनारस में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सभा की अध्यक्षता कृष्णा सिंह ने एवं संचालन विजय नारायण हिटलर ने किया। सभा को इंजिनियर मायाशंकर तिवारी,इंजीनियर नरेंद्र वर्मा, इंजीनियर एसके सिंह, इंजीनियर सियाराम यादव, इंजीनियर प्रमोद कुमार, वेद प्रकाश राय, अंकुर पांडे, मोनिका केसरी, राम जी भारद्वाज, राजेश सिंह, संदीप कुमार, रंजीत पटेल, मदन श्रीवास्तव, उमेश यादव, धर्मेंद्र यादव आदि ने संबोधित किया। सभा को सम्बोधित करते वक्तागण
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