काशी दीप विजन जमनिया सलीम मंसूरी की रिपोर्ट चिलचिलाती धूप हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर स्थितियों का कारण बन सकती है। जमानियां। चिलचिलाती धूप हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर स्थितियों का कारण बन सकती है। जो जानलेवा भी हो सकती हैं। यदि समय रहते सावधानी न बरती जाए तो ये स्थितियां जानलेवा साबित हो सकती हैं। उक्त जानकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सक डॉ गुलाब शंकर पटेल ने बताया किचिलचिलाती धूप के कारण होने वाले खतरे हीट स्ट्रोक:यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान 104 डिग्री फ़ारेनहाइट या उससे अधिक हो जाता है। हीट स्ट्रोक जानलेवा हो सकता है। यदि समय रहते इलाज न किया जाए। डिहाइड्रेशन जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो इसे डिहाइड्रेशन कहते हैं। उन्होंने बताया कि डिहाइड्रेशन भी हीट स्ट्रोक और लू का कारण बन सकता है। चिलचिलाती धूप से त्वचा जल सकती है। आंखों में जलन हो सकती है। और कुछ मामलों में दिल का दौरा भी पड़ सकता है। पटेल ने कहा कि चिलचिलाती धूप से बचने के उपाय जैसे धूप में निकलने से बचना चाहिए। धूप में निकलने के लिए मजबूर हैं। तो कम से कम समय के लिए निकलें और फिर छाया में लौट आएं। और पर्याप्त पानी पिएं। इसके साथ ही डिहाइड्रेशन से बचने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए। गुलाब शंकर पटेल ने बताया कि लू से बचने के लिए हल्के और सूती कपड़े पहनें, सिर और चेहरे को ढंक कर रखें, और छाते का उपयोग करें। साथ ही ठंडा पेय पदार्थों का सेवन भरपूर करें। औरनारियल पानी, छाछ, या लस्सी जैसे ठंडे पेय पदार्थों का सेवन जरूर करना चाहिए। इसके साथ ही गर्मी के मौसम में अधिक तेल और मसालेदार भोजन करने से बचना चाहिए। प्रभारी ने लोगों से अपील करते हुए। उन्होंने कहा कि गर्मी से बचाव के लिए घर को ठंडा रखें, जैसे पंखे, कूलर, और एसी का उपयोग करें। और धूप के चश्मे का अवश्य उपयोग करना चाहिए। इसलिए की आंखों को धूप से बचाने के लिए धूप का चश्मा जरूर पहनना चाहिए। हीट स्ट्रोक के लक्षणों का अनुभव करते हैं। तो निजी सरकारी अस्पताल के डाक्टरों से तुरंत संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस समय ठंडा कर तरबूज का सेवन खूब करना चाहिए।
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