काशी दीप विजन पत्रकार राजेंद्र गुप्ता बुद्ध के विचार स्वतंत्रता,सुख और शांति का सन्देश देते हैं-वाराणसी -- केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थान सारनाथ साखी प्रेमचंद साहित्य संस्थान तथा अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को तीन दिवसीय कार्यशाला "धम्मपद कैसे पढ़ें "का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान सारनाथ के कुलपति प्रोफेसर डब्लू डी नेगी ने कहा कि धम्मपद को पढ़कर स्वतंत्र विचार आना चाहिए। आवश्यकता है यह है कि इसे पढ़कर हम अपने जीवन में कितना उतारते हैं। धम्मपद मे जीवन के आचरण संबंधी सही विचार संग्रहीत हैं। विशिष्ट अतिथि प्रो. अवधेश प्रधान ने कहा कि आज के मनुष्य के पास सब कुछ है फिर भी असंतुष्ट और दुखी है। धम्मपद की गाथाएं जीवन को सुंदर बनाने का संदेश देती हैं। प्रो.सदानन्द शाही ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए इसकी प्रासंगिकता पर विचार व्यक्त किया।डा.रामसुधार सिंह ने विषय प्रस्तावना करते हुए धर्मपद के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि धम्मपद बौद्धों के लिए गीता है। कई देशों में बौद्ध भिक्षुओं के लिए धम्मपद का परायण आवश्यक माना गया है। इस कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर राम सुधार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित प्रकाश संस्थान की कुल सचिव डॉक्टर सुनीता चंद्रा ने किया। उद्घाटन सत्र में डॉ. नवांग तेनफेल,डा.लक्पा छेरिंग, डा. अनुराग त्रिपाठी, डॉ ज्योति सिंह, डॉ. रवि रंजन द्विवेदी, डॉ. प्रशांत कुमार मौर्य, डॉ. उमाशंकर शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।फोटो -04- सभा को सम्बोधित करते डा.रामसुधार सिंह
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