काशी दीप विजन वरिष्ठ संवाददाता राजेंद्र गुप्ता -डाक योद्धा बने फायर फाइटर,सीखे आग बुझाने की कला-- कर्नल विनोद वाराणसी -- नागरिक सुरक्षा और अग्निशमन विभाग की ओर से कैण्ट स्थित प्रधान डाकघर परिसर में आग बुझाने व उससे बचाव हेतु प्रशिक्षण दिया गया।सत्र के पहले दौर में फायर स्टेशन आफिसर इन्द्र जीत वर्मा ने बताया कि आग कितने प्रकार की होती है। आग लग जाने के पश्चात क्या सावधानियां बरती जाए एवं अग्नि शमन उपकरणों से कैसे आग को बुझाया जाए इस बारे में समस्त कर्मचारियों को विस्तार से बताया। कार्यक्रम में कर्नल विनोद कुमार ने बताया कि आग एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है। जिसे पूरी सावधानी से लिया जाना चाहिए। हमें हर जगह कार्यालय और घर में अग्नि सुरक्षा की समीक्षा करनी चाहिए और अच्छी गुणवत्ता वाले अग्निशमन यंत्रों को ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां हर कोई देख सके और आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग कर सकें। आग मुख्य रूप से छः प्रकार के रुपों ए, बी, सी, डी, और के तथा इलेक्ट्रिक आग के रूप में वर्गीकृत किया जाता है जिसे बुझाने के लिए विभिन्न प्रकार के अग्निशमन यंत्रों की आवश्यकता होती है। आग की श्रेणी को सही ढंग से पहचानना व जानना एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कौशल है। गलत प्रकार से आग बुझाने वाले एजेंट का प्रयोग करने से वास्तव में आग बदतर हो सकती है। श्रेणी ए की आग में लकड़ी,कागज,कपड़ा, रबर,कचरा और प्लास्टिक जैसे दहनशील पदार्थ शामिल होते हैं। श्रेणी ए की आग का इस्तेमाल ज्यादातर अलाव, कैंपिंग स्टोर और अन्य नियंत्रित परिस्थितियों में किया जाता है। इसे सबसे प्रभावी बुझाने वाला एजेंट पानी है।श्रेणी बी की आग को बुझाने के लिए पानी का उपयोग करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि पानी वास्तव में आग की लपटों को और भी फैला सकता है। इसके स्थान पर हम पाउडर या कार्बन डाइऑक्साइड बुझाने वाले यंत्र का प्रयोग करें। श्रेणी सी की आग में दोषपूर्ण विद्युत उपकरण शामिल होते हैं, जिसको बुझाने के लिए सबसे पहले उपकरण को उसके पावर स्रोत से अनप्लग करें। फिर कार्बन डाइऑक्साइड या सुखा पाउडर के अग्निशमन यंत्र का उपयोग करें। इस प्रकार की आग को होने से रोकने के लिए अपने तारों को नियमित रूप से परखें, जांचें और सर्किट को ओवरलोड करने से बचाना चाहिए। रसोई में होने वाली सबसे आम प्रकार की आग खाना पकाने का तेल शामिल होता है। जिसको बुझाने के लिए गिले रासायनिक बुझाने वाले यंत्र का उपयोग करना चाहिए। धातु जलने वाली आग को बुझाने के लिए सुखे पाउडर के बुझाने वाले यंत्र का उपयोग करना चाहिए। सभी आग एक दूसरे से अलग होती हैं। इसलिए उन्हें बुझाने का तरीका भी अलग होना चाहिए। नागरिक सुरक्षा के वार्डेन संजय कुमार राय द्वारा आपातकालीन स्थिति एवं युद्ध के समय आसमान से हो रहे हमलों से नागरिकों को अपनी सुरक्षा के लिए एवं घायलों की मदद के बारे में अवगत कराया गया। व्यावहारिक प्रशिक्षण में फायर विभाग के कर्मचारियों द्वारा अग्निशमन उपकरणों एवं घरेलू उपकरणों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर की गैस को बुझाने की विधियां बताई गयी। सहायक अधीक्षक पल्लवी ने सिलेंडर को जल्दी ही सिर्फ एक उंगली से नियंत्रित तरीके से तुरन्त बुझाकर जादुई कौशलता का परिचय दिया। सबसे पहले क्षेत्रीय कार्यालय के श्री प्रकाश ने जलती सिलेंडर को बुझाकर व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया। इसके अलावा सहायक निदेशक एम एम हुसैन ने भी अपना कौशल दिखाया और गिले तौलिए की मदद से आग को नियंत्रित किया। अग्नि सुरक्षा विभाग ने वाटर कैनन और ड्राई पाउडर वाले सिलेंडर से आग बुझाने के विभिन्न कौशल दिखाए। सभी बनारसी कर्मचारियों के कल्याण के लिए निकट भविष्य में फुलाए हुए स्लाइडर्स या रस्सियों की मदद से खिड़की से नीचे आने जैसे प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।फोटो -01- सिलिंडर की आग को बुझाने का प्रयास करते कर्नल विनोद
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