अस्पताल में खुले जन औषधि केंद्र पर एक दो दिन के बाद जरूर लटका रहता है। ताला जमानियां। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में खुले जन औषधि केंद्र पर सरकारी व रविवार को छुट्टी के दिन भी ताला लटका रहता है। इस कारण मरीजों को परेशानी होती है। गुरुवार को जहां अस्पताल खुला रहा। वहीं जन औषधि केंद्र पर ताला जड़ा पाया गया। दवा खरीदने के लिए मरीज परेशान होकर वापस लौटने को मजबूर हुए। जब औषधि केंद्र बंद रहने पर व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता ने बताया कि अस्पताल से पूरी दवाएं नहीं मिल पाती वही दूसरी तरफ जन औषधि केंद्र भी बंद हाेने के कारण निजी दवा दुकानदारों से दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। इस कारण से मरीजों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि जन औषधि केंद्र का उद्घाटन और खुलने से मरीजों ने राहत की सांस लिया की कम मूल्यों पर अब दवा खरीदी जा सकती है। लेकिन जन औषधि केंद्र में एक तो पूरी दवाईयां नहीं होने के साथ केंद्र का बराबर बंद रहना मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। गुप्ता ने कहा कि दुकानदार जन औषधि केंद्र को दवाओं के अभाव में दुकान को बंद रखना पड़ता है। केंद्र प्रभारी चिकित्सक गुलाब शंकर पटेल का ध्यान जन औषधि केंद्र के तरफ आकृष्ट कराया और कहा कि किसी भी दशा में जन औषधि केंद्र बंद होनी नहीं चाहिए। क्यों कि मरीजों को किफायती मूल्यों पर दवा दी जानी है। केंद्र बंद रहने के कारण क्षेत्रीय मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में केंद्र प्रभारी चिकित्सक डॉ गुलाब शंकर पटेल ने बताया कि जन औषधि केंद्र संचालक से वार्ता कर पूरी दवा रखने के साथ केंद्र को बंद नहीं किया जाए। इसके लिए निर्देशित किया जाएगा। जिससे मरीजों को जन औषधि केंद्र से लाभ मिलता रहे।
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