*गीता को मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर में शामिल होने पर स्वामी अड़गड़ानंद महाराज जी के परम भक्त सुबेदार यादव ने श्री परमहंस आश्रम नहवानीपर में संतो को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई*भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को एक बार फिर वैश्विक मंच पर मान्यता मिला ! भारत गौरवान्वित हुवा! सुबेदार यादवसेवापुरी वाराणसी - यूनाइटेड नेशंस एजूकेशनल साइंटिफिक एवं कल्चरल आर्गनाइज़ेशन (यूनोस्को) ने भारत के दो प्राचीन ग्रंथों को श्री मद् भागवद गीता और भरतमूनी के नाट्यशास्त्र को मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर में शामिल किया जिससे भारत देश पुरी दुनिया में गौरवशाली देश बन गया! खुशी का दिन हैं हम सब भारतीयों को गर्व हैं अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर पर सुबेदार यादव! जिसके उपरांत आज श्री परमहंस आश्रम नहवानीपर में संतों को मिठाई खिलाकर खुशी मनाया गया ! नहवानीपर आश्रम पूज्यनीय संत श्री विमुक्तानंद उर्फ मुखियाॅ महराज जी बनवाएं हैं!आश्रम के महंत श्री खदेरू महराज हैं!यह आश्रम पूर्वांचल के प्रमुख चार जिलों के बीच में हैं वाराणसी, भदोही, मिरजापुर, जौनपुर ! मुखिया महराज जी स्वामी अड़गड़ानंद महराज जी के प्रथम परम प्रिय शिष्य हैं! सुबेदार यादव! कमलेश पटेल, सुनिल राजभर, भगत, अजीत, राजन, विवेक, शमशेर!
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