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काशी दीप विजन वाराणसी,एस.एम.एस. के 31वें स्थापना दिवस समारोह आधारशिला-2025 का हुआ भव्य आयोजन• सफलता के लिए निरंतर प्रयासरत होना है आवश्‍यक है ए.डी.जी. पीयूष मोर्डिया• एसएमएस के स्थापना दिवस समारोह में रंगारंग प्रस्तुति से झूमे विद्यार्थी • संस्थान के निदेशक व कुलसचिव को निरंतर क्रमशः 20 वर्ष व 30 वर्ष सेवाएं देने के लिए किया गया सम्मानितवाराणसी, 10 नवंबर, 2025 – स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (एस.एम.एस) के बहुप्रतीक्षित 31वें स्थापना दिवस समारोह आधारशिला – 2025 की शुरुआत एक भव्य उद्घाटन समारोह के साथ हुई । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वाराणसी जोन के अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक पीयूष मोर्डिया उपस्थित थे। उद्घाटन सत्र को सम्‍बोधित करते हुए उन्‍होंने खरगोश और कछुए की प्रसिद्ध कथा क‍ा उद्धरण देते हुए कहा कि धीरे-धीरे और स्थिर चलने की बजाए अब तेज, निडर होकर और निरंतर आगे बढ़ना ज़रूरी है। विद्यार्थियों से सीधा संवाद स्‍थापित करते हुए श्री मोर्डिया ने कहा कि अपनी गलतियों से सीखना महत्‍वपूर्ण है। हर व्यक्ति अलग तरह से प्रतिभाशाली होता है। यदि आपको पढ़ने में शांति मिलती है, तो पढ़ो अगर आपका जुनून किसी और क्षेत्र में है, तो निडर होकर उसका अनुसरण करो। दूसरों को गिराने के बजाय, एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ो। हमारी मंज़िलें भले एक जैसी हों, पर यात्राएँ सबकी अलग होती हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि समय सबसे बड़ी पूंजी है। इसका समझदारी से उपयोग करें। ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से दूर रहें और अपने उद्देश्य पर केंद्रित रहें।उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित प्रो. एस. के. सिंह, पूर्व कुलपति, एल. एन. मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा ने अपने उद्बोधन में संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामाजिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि एसएमएस वाराणसी ने शिक्षा, शोध और आयोजन के प्रत्येक क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। प्रो. सिंह ने कहा कि यदि कोई यह देखना चाहता है कि परंपरा और आधुनिकता कैसे एक साथ आगे बढ़ सकते हैं, तो एसएमएस वाराणसी इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्‍होंने संस्थान के सशक्त, प्रेरणादायक और प्रतिस्पर्धी वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहाँ का माहौल न केवल छात्रों को शैक्षणिक रूप से, बल्कि व्यक्तित्व के स्तर पर भी परिपक्व बनाता है।आधारशिला के उद्घाटन सत्र में अतिथियों का स्वागत करते हुए निदेशक प्रो. पी. एन. झा ने पिछले तीन दशकों में एसएमएस वाराणसी की उल्लेखनीय यात्रा के लिए आभार और गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्थान की सफलता की कहानी हमारे संकाय की प्रतिबद्धता, हमारे छात्रों के उत्साह और उन लोगों की दूरदर्शिता का प्रमाण है जिन्होंने इसकी स्थापना के बाद से इस संस्थान का मार्गदर्शन किया है। प्रो. झा ने कहा कि 31 साल पूरे होने पर यह संस्थान अब और मजबूती के साथ समग्र शिक्षा को बढ़ावा देने और बेहतर भविष्य के निर्माताओं को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रो. झा ने विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों को अपनाने के साथ-साथ वैश्विक दृष्टिकोण के लिए खुले रहने के लिए प्रोत्साहित किया।इस अवसर पर संस्‍थान में निरंतर दस, पंद्रह, बीस, पच्‍चीस और तीस वर्षों तक निरंतर सेवाएं देने के लिए शैक्षणिक - गैर शैक्षणिक व प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों को सम्‍मानित किया गया। सम्‍मानित होने वाले प्रमुख कर्मचारीश्री संजय कुमार गुप्ता, (कुलसचिव) - तीस वर्षश्री शांतनु मुखर्जी, (वित्त अधिकारी) - तीस वर्षश्रीमती प्रतिमा भार्गव, (पुस्तकालयाध्यक्ष) - तीस वर्षश्री हरिकांत यादव, (सीनियर ऑफिस एग्जीक्यूटिव)- तीस वर्षडॉ. आनंद प्रकाश दुबे, (प्रोफेसर) - पच्‍चीस वर्षश्री प्रेम भूषण सिंह, (प्रोजेक्ट मैनेजर) - पच्‍चीस वर्षश्री गिरिजेश सिंह गौतम, (सहायक लाइब्रेरियन) - पच्‍चीस वर्षप्रो. पी.एन. झा, (निदेशक) - बीस वर्षश्री अजय कुमार श्रीवास्तव, (इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर) - बीस वर्षशैलेन्द्र पाण्डेय, (असिस्टेंट प्रोग्रामर) - पंद्रह वर्षडॉ. शिशिर कुमार गुजराती, (एसोसिएट प्रोफेसर) - दस वर्षश्रीमती भावना दीक्षित, जनरल मैनेजर (कॉर्पोरेट रिलेशंस) - दस वर्षश्री विजय कुमार यादव, (प्रोग्रामर) - दस वर्षदो दिन चलने वाले स्थापना दिवस समारोह में विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम भी आयोजित हुए। जिसमें प्रतियोगी स्पर्धायें - एकल गायन, एकल नृत्य,बिज़नेस प्लान, बिजनेस क्विज,कोडिंग कम्पटीशन, अन्त्याक्षरी, रंगोली, ऐड व पोस्टर मेकिंग प्रतिस्पर्धा का आयोजन हुआ। इन विभिन्न अंतर महाविद्यालयी प्रतिस्पर्धाओं में वाराणसी सहित पूर्वांचल के 20 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का पदर्शन किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित स्किट रहा। जिसमें विगत अप्रैल महीने में कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी घटना को लेकर विद्यार्थियों ने एक भावपूर्ण प्रस्तुति की। इस दौरान विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना अपने चरम पर थी। इस भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों की आँखें नम कर दीं। सायंकाल आयोजित रैम्‍प शो में विद्यार्थियों ने पारंपरिक व आधुनिक वस्त्रों के संयोजन को बखूबी मंच पर प्रस्‍तुत किया। उद्घाटन सत्र का संचालन आधारशिला की संयोजक प्रो. पल्लवी पाठक ने किया। इस अवसर पर एसएमएस वाराणसी के अधिशासी सचिव डॉ. एम. पी. सिंह, निदेशक प्रो. पी. एन. झा, कुलसचिव संजय गुप्ता, प्रो. संदीप सिंह, अमितांशु पाठक सहित संस्‍थान के समस्त अध्यापक व कर्मचारी उपस्थित रहे। साक्षी सिंह की रिपोर्ट वाराणसी

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