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20 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद मरनासन प्रभु का अपने परिवरीजनों से अतिमार्मिक मिलन 🙏विदित हो कि अपना घर आश्रम वाराणसी में कोविड काल में अगस्त 2020 को वाराणसी के पांच क्रोशि मार्ग से कोविड काल में आश्रम के सहयोगी सीआरपीएफ 95 बटालियन एवं केशव जालान जी के द्वारा एक असहाय कोविड ग्रस्त वृद्ध प्रभु को आश्रम लाया गया था जो चलने फिरने में असमर्थ थे ।मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी ।लगातार सेवा चिकित्सा के उपरांत कई बार उनके घर का पता करने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली ।आश्रम में 2023 में इनका आश्रम के निवास प्रमाण पत्र के आधार पर आधार कार्ड भी जिला प्रशासन के द्वारा बनवा दिया गया था। विगत कुछ दिनों से उनकी हालत काफी गंभीर हो गई थी लगभग 80 वर्षीय प्रभु घनश्याम पांडे जी ने मरणासन्न अवस्था में निवेदन किया कि अब उन्हें उनके घर पहुंचा दिया जाए ।संजोग वश आश्रम के अपनों से मिलन टीम के द्वारा इसे मिशन के रूप में लेकर उनके फोटो को इनके बताएं पते के अनुसार मिर्जापुर जिले में वायरल कराया गया। वहां की पुलिस टीम के द्वारा उनके गांव के प्रधान तक खबर दी गई और महाराष्ट्र में नौकरी कर रहे उनके बेटे से बात हुई। शुरुआत में बेटे ने कहा कि हमने उनको आज तक देखा ही नहीं है वह हम उनको जानते पहचानते भी नहीं है ।हमें उनसे कोई मतलब नहीं है। फिर उनके चाचा के लड़के इन्हें लेने को तैयार हो गए ।महाराष्ट्र में रहने वाले उनके बेटे ने पुन आश्रम को फोन कर कहा कि चाचा लोग उनसे अंगूठा लगवाकर संपत्ति ले लेंगे। आप कृपया इन्हें हमारे चाचा को न सौंपे ।हम स्वयं आते हैं ले जाएंगे और दो दिन के अंदर ही अपने नौकरी से छुट्टी लेकर उनके पुत्र आश्रम आए और अत्यंत वृद्ध प्रभु को उनकी इच्छा के अनुसार अपने घर सोनभद्र जिला घोरावल (तत्कालीन मिर्जापुर )जिला में आश्रम से विदा कर कर ले गए। वृद्ध प्रभु के आश्रम से विदा होने पर असम के सभी प्रवचनों के चेहरे पर खुशी की लहर देखी गई। आश्रम परिवार आपके सुखद भविष्य कामना करता है ।प्रभु कृपा बनी रहे।लावारिस अनाथ मानव प्रभु सेवार्थ

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