आईपीएस अधिकारियों में बड़े बदलाव: दो वरिष्ठ अफसर डीजी पद पर प्रमोशन, चार की सेवानिवृत्ति तय, यूपी में डीआईजी व एसपी स्तर पर तैनाती का इंतजार।लखनऊ ब्यूरो: नवीन प्रकाश सिंह 23 अक्टूबर 2025 भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में आगामी महीनों में महत्वपूर्ण बदलाव होने वाले हैं। उत्तर प्रदेश कैडर के दो वरिष्ठ अधिकारियों को डायरेक्टर जनरल (डीजी) के पद पर प्रमोशन मिलेगा, जबकि चार अन्य वरिष्ठ अफसरों की सेवानिवृत्ति निर्धारित है। इसके अलावा, यूपी में दो डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) और तीन सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) स्तर के अधिकारियों को नई तैनाती का इंतजार है। ये बदलाव पुलिस विभाग में रिक्त पदों को भरने और नेतृत्व परिष्करण के उद्देश्य से हो रहे हैं, जो राज्य की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे।केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस मुख्यालय के हालिया आदेशों के अनुसार, 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रकाश डी, वर्तमान में एडीजी रेलवे के पद पर तैनात, 1 दिसंबर 2025 से डीजी स्तर पर पदोन्नत हो जाएंगे। उन्होंने हाल ही में महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज में रेलवे पुलिस की कमान संभाली थी, जहां लाखों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इसी बैच के एक अन्य अधिकारी सुजीत पांडेय, जो एडीजी लखनऊ जोन के पद पर कार्यरत हैं, भी 1 दिसंबर 2025 से डीजी बनेंगे। पांडेय को उनके उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक सहित कई सम्मान प्राप्त हैं।सेवानिवृत्ति की दृष्टि से, 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी तिलोत्तमा वर्मा, जो डीजी ट्रेनिंग हेडक्वार्टर के पद पर हैं, 30 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त होंगी। इसी वर्ष 31 अक्टूबर को 1991 बैच के अभय कुमार प्रसाद, डीजी सिविल डिफेंस के पद से रिटायर होंगे। 1990 बैच के दलजीत चौधरी, जो वर्तमान में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के डीजी हैं, 30 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्ति के बाद पद छोड़ेंगे। चौधरी ने हाल ही में बीएसएफ के अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था। इन सेवानिवृत्तियों से डीजी स्तर पर कई महत्वपूर्ण पद खाली होंगे, जिससे प्रमोशन प्रक्रिया को गति मिलेगी।उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनाती को लेकर भी हलचल है। राज्य सरकार ने हालिया फेरबदल में कई जिलों के एसपी बदले, लेकिन अभी भी दो डीआईजी और तीन एसपी रैंक के अधिकारी नई पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। अप्रैल 2025 के एक बड़े तबादले में झांसी, महोबा, बांदा, सीतापुर, पीलीभीत, फर्रुखाबाद और कानपुर देहात जैसे जिलों में बदलाव हुए थे, फिर भी ये अधिकारी बिना तैनाती के हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इनकी पोस्टिंग जल्द ही तय हो सकती है, जो कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली होगी।ये बदलाव पुलिस महकमे में नई ऊर्जा का संचार करेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि प्रमोशन और रिटायरमेंट से युवा नेतृत्व को मौका मिलेगा, जो राज्य की सुरक्षा चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकेगा। पुलिस मुख्यालय ने इन सभी फैसलों की आधिकारिक पुष्टि की है, और संबंधित अधिकारी अपने उत्तराधिकारियों को चार्ज सौंपने की तैयारी में जुटे हैं।
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