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जीवित्पुत्रिका व्रत के अवसर पर खरीदारी के लिए दुकानों पर महिलाओं की भीड़ देखने को मिलती ह ै।जमानियां। जीवित्पुत्रिका व्रत के अवसर पर खरीदारी के लिए दुकानों पर महिलाओं की भीड़ देखने को मिलती है। इस पर्व के लिए नई साड़ियाँ, आभूषण, और जितिया धागा (नारंगी या पीले रंग का धागा जिसमें संतान के लिए शुभता और दीर्घायु की कामना की जाती है। जैसी वस्तुएँ खरीदती हैं। नगर कस्बा बाजार सहित स्टेशन बाजार में इस दौरान काफी चहल-पहल रही। और महिलाएं विशेष रूप से जितिया से जुड़ी चीजें भी खरीदती देखी गई। शनिवार को नगर कस्बा बाजार के कपड़े की दुकानों पर साड़ियां खरीदने के लिए महिलाओं की भीड़ रही। वहीं जितिया की दुकानें भी जगह जगह देखी गई। बताया जाता है। त्यौहार को देखते नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार गंगा बढ़ाव के मद्देनजर गंगा नदी में बैरिकेटिंग कराने के साथ घाट के आसपास की साफ सफाई कराया। ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा में तकलीफ ना हो। बता दे कि जीवित्पुत्रिका व्रत संतान के लिए एक महत्वपूर्ण व्रत है। जिसे माताएं अपनी संतान की दीर्घायु और स्वास्थ्य की कामना के लिए करती हैं। इस अवसर पर महिलाएं अपनी संतान के लिए नई साड़ियाँ, बच्चों के लिए आभूषण, और धार्मिक महत्व वाले धागे खरीदती हैं। ब्राह्मण युवा पुजारी उद्धव पांडेय ने बताया कि जीवित्पुत्रिका त्यौहार के मौके पर महिलाओं की काफी भीड़ रहती है। ऐसे में नगर कस्बा स्थित पक्का बलुआ घाट को जाने वाले सभी रास्ता पर प्रशासन द्वारा बैरिकेटिंग की व्यवस्था किए जाने की अपील किया है। ताकि दो पहिया से लेकर तीन पहिया, चार पहिया वाहन बाजार में प्रवेश नहीं कर पाए। उन्होंने बताया कि महिलाओं की काफी भीड़ की वजह और फल विक्रेताओं के दुकानें सजाए रखने में किसी प्रकार की कोई बाधा या रुकावट पैदा ना हो सके। पांडेय ने कहा कि महिलाएं व्रत में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे फल और पूजा से जुड़ी वस्तुएं भी इस समय बहुत खरीदती है। और जितिया का धागा खरीदने के लिए दुकानों पर महिलाओं की अच्छी खासी भीड़ होती है। ऐसे में वाहनों के आने जाने में काफी परेशानी होने लगता है। पुजारी ने यह भी बताया कि जीवित्पुत्रिका का सांस्कृतिक महत्व है। यह व्रत संतान के लिए महत्वपूर्ण होने के कारण बाजार में इस दौरान विशेष रूप से महिला खरीदारों की भीड़ दिखती है। फोटो जीवित्पुत्रिका व्रत पर कपड़ा व्यवसाई दुकानदार आकाश उर्फ कल्लू की दुकान पर खरीदारी करती महिलाएं।, सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया

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