कानूनगो मोहल्ला स्थित दारुल उलूम रजाए हबीब मदरसा मैदान से जुलूस ए मोहम्मदी निकाली गई। जिसमें उलेमाओं की अगुवाई में शान से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी।गाजीपुर के जमानियां में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश के मौके पर 5 सितंबर को कानूनगो मोहल्ला स्थित मदरसा दारुल उलूम रजाए हबीब एवं हुसैनी मस्जिद सुबहान टोली, बंगले वाली मस्जिद बुद्धिपुर से हर्षौल्लास और अकीदत के साथ जुलूस निकालकर मनाई गई। इस मौके पर नगर कस्बा बाजार होते जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गई। जिसकी अगुवाई मौलाना जैनुलआब्दीन, शाही जामा मस्जिद के सेकेट्री मौलाना तनवीर रजा, मौलाना जुल्फेकार, हाफिज तौहीद आदि उलेमाओं शिरकत की और जुलूस मोहम्मदी को शांति पूर्ण माहौल में संपन्न कराया। शाही जामा मस्जिद के सेकेट्री मौलाना तनवीर रजा सिद्दीकी ने कहा कि जुलूस में किसी भी तरह के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि न ही कोई ऐसा मजहबी या सियासी नारा लगाया गया। जिससे दूसरे धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लाम में हर गलत चीज मना किया गया है।इसलिए कोई भी व्यक्ति तेज आवाज वाले डीजे के साथ शामिल न हो। यदि कोई ऐसा करता है। तो उसे जुलूस से बाहर कर दिया जाएगा। तनवीर रजा ने कहा कि हम उस नबी का यौमे पैदाइश मना रहे हैं। जो पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए और इंसानियत को साथ लेकर चलने का संदेश दिया। वहीं मौलाना असरफ करीम कादरी ने बताया कि 5 सितंबर की सुबह जुलूस निकला गया, और नगर कस्बा मुस्लिम बस्तियों के साथ एन एच 24 सड़क होते पुनः मदरसा दारुल रजाए हबीब सहन पहुंचकर समाप्त किया गया। उन्होंने बताया कि पांच सितंबर की सुबह जुलूस मोहम्मदी जुलूस निकालकर नगर के विभिन्न मोहल्लों से गुजरा जहां मुस्लिम भाइयों ने जुलूस का इस्तेकबाल किया। और सिरनी की तौर पर मुंह को मीठा कराया। बताया जाता है। कि इस बार बारहवीं रबी-उल-अव्वल का जुलूस शुक्रवार को शान शौकत से निकाली गई। जुलूस में छोटे बड़े नवजवानों के हाथों में मोहम्मदी झंडा लिए चले रहे थे। और ग़गनचुभी नारा लगाते हुए। आगे बढ़ते रहे, इस दौरान शाही जामा मस्जिद के अलावा अन्य मस्जिद के जिम्मेदारों ने जुलूस में शामिल होकर अकीदतमंद के साथ मुहम्मदी जुलूस को निकाला। तनवीर रजा ने बताया कि बारहवीं रबी-उल-अव्वल के मौके पर जगह जगह मुस्लिम इलाको में मुस्लिम भाइयों ने अकीदतमंद के साथ गले मिलकर जुलूस का इस्तेकबाल किया। इस दौरान मुस्लिम इलाको को रंग-बिरंगी झालरों और लाइटों से सजाकर एक आकर्षक रूप दिया। जुलूस मार्ग पर कदम कदम पर शर्बत, केक, पानी, केला, लड्डू, आदि मुस्लिम भाइयों ने जुलूस में शामिल सभी लोगों को वितरण किया। उक्त मौके पर मौलाना जैनुलआब्दीन, मौलाना जुल्फेकार, हाफिज इमाम मिन्सर रजा, असलम पान वाले, हाजी गुलाम मोहम्मद खान, दानिश मंसूरी, शाहिद जमाल मंसूरी, शांति एकता कमेटी के सरपरस्त नेसार अहमद खान वारसी, आरिफ मंसूरी, शहजाद अली, सलीम इदरीसी, वारसी, निगार खान, नेहाल मंसूरी, इजहार खान, कमाल मंसूरी, माहिर कमाल अंसारी, अरशद मंसूरी, शमीम खान, बेलाल मंसूरी, टीपू खान, हैदर खान, कामरान खान, वकील खान, अकील अजहर, शमीम सिद्दीकी, जमाल मंसूरी, सैयर खान, हाजी रफीक कुरैशी, मोहम्मद कैफ मंसूरी, नेहाल खान, प्रिंस खान, आरिफ खान वारसी, शाबीर कुरैशी, हयात वारिस खान, परवेज आलम, ताबिश मंसूरी, सफीक कुरैशी, शमीम फरीदी, अफजाल मंसूरी, रुस्तम अली, सैयद खुर्शीद सिद्दीकी, ताबिश अली, इरफान खान, मोहम्मद कलाम राईन, सोनू खान, आरिफ मंसूरी, सहित सैकड़ों मुस्लिम बंधु शामिल रहे। इस दौरान आपसी भाईचारगी बनाए रखने के लिए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह मय पुलिस कर्मियों के साथ साथ एवं तहसीलदार राम नारायण वर्मा जुलूस के आगे चलते रहे। सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया
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