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वाराणसी काशी दीप विजन -- " विश्व अल्जाइमर माह" पर मनोविज्ञान विभाग ने अल्जाइमर पर किया एकदिवसीय संगोष्ठी वाराणसी -- उदय प्रताप महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा "विश्व अल्जाइमर माह " के अवसर पर 27 सितंबर 2025 को अल्जाइमर रोग एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य अल्जाइमर जैसे गंभीर सामाजिक और मनोवैज्ञानिक मुद्दे पर जन जागरूकता बढ़ाना और इसकी रोकथाम के उपायों पर समाज में सार्थक विमर्श को प्रेरित करना था। संगोष्ठी का शुभारंभ मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं संयोजक प्रोफेसर संजीव कुमार सिंह के स्वागत एवं परिचयात्मक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने उपस्थित लोगों को कार्यक्रम की महत्व और अल्जाइमर से जुड़ी सामाजिक चुनौतियों से अवगत कराया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉक्टर विपुल कुमार सिंह (सहायक प्राध्यापक काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय) ने अपने संबोधन में अल्जाइमर के लक्षण, कारण और भयावहता पर विस्तृत जानकारी दी। डॉक्टर सिंह ने इस धारणा को बदलने पर बल दिया कि अल्जाइमर कोई अभिशाप है बल्कि इसे एक रोग मात्र समझा जाना चाहिए। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि सामाजिक समन्वय पारिवारिक देखरेख और स्नेह के माध्यम से इस रोग की गंभीरता को काम किया जा सकता है। जो अल्जाइमर पीड़ितों के लिए सबसे बड़ी मानसिक संबल प्रदान करता है। कार्यक्रम का कुशल संचालन विभाग की सहायक प्राध्यापिका डा. मीनाक्षी सिंह द्वारा किया गया. संगोष्ठी के अंत में सहायक प्राध्यापक डॉ अनुराग उपाध्याय ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। डा. अनुराग ने आज के समाज को अल्जाइमर से लड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।इसके रोकथाम के संकल्प के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता दर्शाई।मनोविज्ञान विभाग की यह पहल विद्यार्थियों में अल्जाइमर की रोकथाम के महत्व और मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन के उपाय के प्रति जागरूकता फैलाने में उपयोगी सिद्ध होगा।फोटो -02- छात्रों को सम्बोधित करते मनोवैज्ञानिक, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता

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