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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ज्योति भूषण त्रिपाठी की अध्यक्षता में प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए जाने एवं प्राथमिक विद्यालय के नाम के साथ कंपोजिट शब्द हटाने के विरोध में माननीय विधायक एवं सदस्य विधानसभा परिषद स्नातक खंड वाराणसी को ज्ञापन सौपा गया। जिसमें माननीय विधायक को अवगत कराते हुए कहा गया है कि प्राथमिक विद्यालय नाम के साथ कंपोजिट शब्द हटाने और लगभग 5000 प्राथमिक विद्यालयों की मान्यता सरकार द्वारा समाप्त किए जाने पर प्रदेश संगठन के आवाहन पर विधायक महोदय को ज्ञापन सौपा गया। जिसमें अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा हजारों विद्यालयों को पेयरिंग के नाम पर बन्द किया जा रहा है। प्रदेश में 150 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालय एवं 100 से कम छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों को प्रधानाध्यापक विहीन करते हुए हजारों प्रधानाध्यापकों को सरप्लस घोषित कर दिया गया है। इसके पूर्व भी एक ही परिसर में स्थित लगभग 20 हजार विद्यालयों का संविलियन करके प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त कर दिये गये हैं। वर्तमान में चल रही जर्जर प्रक्रिया से जहाँ छात्रों से विद्यालयों की दूरी अधिक होगी,वहीं हजारों रसोईयों की सेवा समाप्त हो जायेगी। इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा सम्बन्धित प्रधानाध्यापकों एवं ग्राम प्रधान/विद्यालय प्रबन्ध समिति पर दबाव बनाकर विद्यालय बन्द करने के समर्थन में प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। लोकतंत्र में इस प्रकार विद्यालय बन्द करके नौनिहालों की शिक्षा से खिलवाड़, हजारों प्रधानाध्यापकों के पद एवं रसोईयों की सेवा समाप्ति जैसे निर्दयी एवं कठोर निर्णय की कल्पना नहीं की जा सकती है।उपरोक्त को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 30 जून,2025 को प्रदेश के 822 ब्लॉकों में संघ पदाधिकारियों,बन्द किये जाने वाले विद्यालयों के छात्रों के अभिभावकों एवं ग्राम प्रधानों की बैठक में इस निर्णय के विरूद्ध जबरदस्त रोष देखने को मिला। बैठकों में उपस्थित शिक्षक एवं जन समुदाय ने एक स्वर से इस निर्णय का विरोध करने का प्रस्ताव पारित किया है।अतः आपसे सादर अनुरोध है कि उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए विद्यालयों को पेयरिंग किये जाने तथा 150 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालय एवं 100 से कम छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों को प्रधानाध्यापक विहीन करते हुए हजारों प्रधानाध्यापकों को सरप्लस घोषित करने सम्बन्धी उ०प्र० शासन के आदेश को निरस्त करने हेतु माननीय मुख्यमंत्री उ०प्र० सरकार से संस्तुति करने का कष्ट करें। ज्ञापन सौंपने वालों में शैलेन्द्र पाण्डेय मंत्री विकास खण्ड-चिरईगांव ज्योति भूषण त्रिपाठी अध्यक्ष विकास खण्ड-चिरईगांव जिला संयुक्त मंत्री-वीरेन्द्र प्रताप सिंह,जग यादव,आलोक पाण्डेय ज्यचल मिश्रा,दिलीप कुमार,अजय कुमार तिवारी,जितेन्द्र पाण्डेय,उमाकाल-प्रसाद आदि लोग उपस्थित रहे। साभार। नवीन प्रकाश सिंह।

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