काशी दीप विजन वरिष्ठ संवाददाता राजेंद्र गुप्ता नीजीकरण के विरुद्ध विद्युतकर्मियों का सातवें दिन भी प्रदर्शन रहा जारीवाराणसी -- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के बैनर चले मंगलवार को सातवें दिन भी बनारस के बिजली कर्मियों ने भिखारीपुर स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय पर नीजीकरण के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया और सभायें की। धरना स्थल पर आयोजित सभा का नेतृत्व करते हुए वक्ताओं ने कहा की प्रदेश में इतनी ज्यादा बेरोजगारी है कि करोड़ों लोग 5 किलो राशन पर निर्भर हैं। किंतु वह परिवार भी अपने बच्चों को इस उम्मीद में आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग करवा रहा है कि एक दिन बिजली विभाग में लाखों रिक्त पदों पर भरती आएगा और उनका बच्चा सरकारी नौकरी पाकर उनको 5 किलो राशन से मुक्ति दिलाएगा। किंतु यह ऊर्जा प्रबंधन में बैठे लोग जो अपने आप को सबसे ज्यादा समझदार और अव्वल दर्जे का काबिल समझते हैं, उनको बिजली विभाग में सुधार के उपाय नहीं समझ में आ रहे हैं। बल्कि इस बिजली विभाग को बेचने का ही एकमात्र विकल्प बता रहे हैं। संघर्ष समिति के वक्ताओं ने बताया कि 180 दिन से पत्र के माध्यम से संघर्ष समिति के द्वारा बिजली बोर्ड में सुधार हेतु ऊर्जा प्रबंधन को प्रेजेंटेशन दिखाये गये पर इसका उनके पास कोई उत्तर नहीं था। वह इतना लाजवाब प्रेजेंटेशन था जिस पर आज तक विचार ही नहीं किया गया। मंगलवार को विरोध सभा के दौरान ऊर्जा मंत्री दो दिन जनपद भ्रमण में रहे, घायल बिजली कर्मियों का हाल पूछने ना जाने के कारण बिजली कर्मियों में गहरा आक्रोश दिखा और जमकर उनके इस कृत्य की निंदा की गई। इस सभा की अध्यक्षता इंजीनियर दीपक गुप्ता ने संचालन वेद प्रकाश राय ने किया। सभा में प्रमुख रूप से इंजीनियर माया शंकर तिवारी, इंजीनियर रेनू मौर्य, नेहा कुमारी, मोनिका केसरी, आशा, इंजीनियर विजय सिंह, इंजीनियर रामाशीष, इंजीनियर नरेंद्र वर्मा, मदन श्रीवास्तव, विजय सिंह, संतोष वर्मा, संदीप कुमार, मोहम्मद हारिश, रविंद्र यादव, रमाशंकर पाल, उदयभान दुबे, पंकज यादव, इंजीनियर विशाल श्रीवास्तव आदि ने सभा को संबोधित किया।फोटो-04-विद्युत प्रशासन विरोधी नारा लगाते विद्युत कर्मी
kashideephindinewspaper
0
एक टिप्पणी भेजें