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मजाक बनकर रह गया मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला काशी दीप विजनां संवाददाता सलीम मंसूरी जमानिया । कस्बा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित होने वाली मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का स्वास्थ्य विभाग के अफसर मजाक उड़ा रहे हैं। कागज पर ही मरीजों का इलाज किया जा रहा है। प्रत्येक रविवार को केंद्र प्रभारी चिकित्सक गायब मिलते है। इलाज के लिए आए मरीजों प्रभारी से मिलने और इलाज कराने के लिए परेशान रहते है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी शासन को फर्जी रिपोर्ट भेजकर जिम्मेदार के लिए अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला चिकित्सक डॉ अमित कुमार चौरसिया की देखरेख किया गया। इस दौरान 40 मरीजों की जांच कर इलाज किया गया। बताया जाता है। की शासन ने हर रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन करने का आदेश दिया है। मेले में एलोपैथ, होम्योपैथ और आयुर्वेद के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को मरीजों की जांच और इलाज करना है। आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड भी बनाया जाना है। मगर सब कुछ कागज पर हो रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर केंद्र प्रभारी के साथ अन्य कार्यरत चिकित्सक और फार्मासिस्ट के साथ वार्ड ब्वॉय अनुपस्थित रहकर मौज करते रहे। मेले में आने वाले आयुष्मान के लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए इधर उधर परेशान रहे। लेकिन कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। इलाज के रहे चिकित्सक डॉ अमित कुमार चौरसिया ने बताया कि कौन चिकित्सक आते है। या नहीं इसको नहीं देखता। उन्होंने बताया कि अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाना जनता हूं। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में आए 40 मरीजों का समुचित ढंग से इलाज किया गया। जिसमें डायरिया, उल्टी, दस्त, बुखार, खांसी, जुखाम आदि मरीज रहे। चौरसिया ने यह भी बताया कि मरीजों की देखभाल करना सही मायने में सेवा करने के बराबर है। और एक डाक्टर होने का कर्तव्य भी बनता है। की मरीजों का समुचित ढंग से इलाज किया जाए। उक्त मौके पर मोहित कुमार, मकसूदन पांडेय आदि स्वास्थ्य कर्मचारी रहे।

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