काशीदीप विजन वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता बिजली कर्मचारियों का नीजीकरण के विरुद्ध चौथे दिन भी विरोध प्रदर्शन रहा जारी।वाराणसी -- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों, परियोजनाओं और राजधानी सहित बनारस के भिखारीपुर स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय पर शनिवार को चौथे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इस मौके पर संघर्ष समिति के पदाधिकारी राजेंद्र सिंह ने कहा कि ऊर्जा निगमो में औद्योगिक और अशांति का वातावरण बनाकर हड़ताल थोपने की हालात बनाने के आरोप में पावर कारपोरेशन के चेयरमैन डॉक्टर आशीष गोयल को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की मांग की है। निजीकरण को अंजाम देने के लिए पावर कारपोरेशन ने निदेशक वित्त निधि नारंग का कार्यकाल दूसरी बार 3 माह के लिए बढ़ाया है। वक्ता मनोज यादव ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉक्टर आशीष गोयल पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण करने हेतु इतने उतावले हो गए हैं, कि उन्होंने संविधान के आर्टिकल 311(2) का उल्लंघन कर बिजली कर्मचारियों की बर्खास्तगी का अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक आदेश जारी कर उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए फैसले का भी अपमान किया है। बनारस में बिजली कर्मियों ने अपरान्ह 2:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक विरोध सभा की। इस दौरान उन्होंने पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष द्वारा जारी किए गए बर्खास्तगी के अधिकार के असंवैधानिक आदेश की प्रतियां भी जलाईं। सभा की अध्यक्षता इंजीनियर एसके सिंह ने एवं संचालन अंकुर पाण्डेय ने किया। सभा को इंजीनियर माया शंकर तिवारी, इंजीनियर एसके सिंह, इंजीनियर सियाराम, संदीप कुमार, इंजीनियर अनिल कुमार, संतोष वर्मा, हेमंत श्रीवास्तव, अनिल यादव, सतीश चंद्र बिन्द, गजेंद्र श्रीवास्तव, रविंद्र यादव आदि ने संबोधित किया बर्खास्तगी आदेश की प्रतियां जलाते विद्युतकर्मी
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