काशी दीप विजन वरिष्ठ पत्रकारराजेंद्र गुप्ता सांस्कृतिक संकुल चौकाघाट में संयुक्त मण्डलीय गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल भवन चौकाघाट वाराणसी में शुक्रवार को कृषि उत्पादन आयुक्त उत्तर प्रदेश दीपक कुमार की अध्यक्षता में वाराणसी, आजमगढ़ एवं विंध्याचल मंडल की संयुक्त मण्डलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2025 का आयोजन किया गया। इस मौके पर कृषि मंत्री,कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही,कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र कुमार,कृषि निदेशक डा.जितेन्द्र कुमार तोमर, उद्यान निदेशक डा.विजय बहादुर द्विवेदी,प्रबन्ध निदेशक बीज विकास निगम डा.पंकज त्रिपाठी,अपर आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता देवमणि मिश्रा, निदेशक भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी डा.राजेश कुमार,मण्डलायुक्त वाराणसी,आजमगढ़ व बिन्ध्याचल मण्डल तथा जिलाधिकारी के साथ साथ उक्त मण्डल के समस्त जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों तथा सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण , वरिष्ठ वैज्ञानिक तथा प्रगतिशील किसान भाई उपस्थित रहे। खरीफ गोष्ठी-2025 का उद्घाटन कृषि उत्पादन आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन एवं कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस गोष्ठी में कृषि राज्य मंत्री द्वारा बताया गया कि जनपद के मांग के अनुसार बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएम कुसुम योजना अंतर्गत सोलर सब्सिडी पर देय है तथा डीएसआर विधि से धान की खेती किए जाने हेतु कृषकों से अपेक्षा की गयी। इस अवसर पर कृषि मंत्री के करकमलों द्वारा द्वारा शारदा प्रसाद को सब मिशन आन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजनांतर्गत 24 लाख रुपए का अनुदान कृषि यंत्र कस्टम हायरिंग सेंटर हेतु दिया गया एवं अभय कुमार सिंह को सब मिशन आन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन इन सीटू योजनांतर्गत चार लाख रुपए का अनुदान दिया गया। श्री अन्न की खेती को बढ़ावा देने हेतु मिनी किट का वितरण कराया जाता है। 29 मई 2025 से 12 जून 2025 तक विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को समय पर बीज प्राप्त हो, को ध्यान में रखते हुए सीटी पार्क बनाया जाएगा। कृषि निदेशक को निर्देशित किया गया कि कृषि यंत्रों के बुकिंग के दौरान जमा टोकन मनी तत्काल वापस कर दिया जाए एवं एटीएम व बीटीएम का मानदेय तत्काल भुगतान कराने की कार्रवाई करें। वरिष्ठ वैज्ञानिक भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान डॉक्टर डीआर भारद्वाज ने बताया कि फलो और सब्जियों का मूल्यवर्धन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें फलों और सब्जियों को संसाधित करके उनका मूल्य बढ़ाया जाता है। कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर चंद्रभूषण ने बताया कि दलहन और तिलहन दोनों ही भारत की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। जिसके घटते आच्छा दन क्षेत्रफल को बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। उद्यान निदेशक द्वारा बताया गया कि विभाग में विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित हैं कृषक बंधु संबंधित पोर्टल पर आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अंत में गोष्ठी में आए समस्त अधिकारियों एवं कृषकों का धन्यवाद ज्ञापित संयुक्त कृषि निदेशक वाराणसी मंडल वाराणसी शैलेंद्र कुमार द्वारा किया गया।फोटो -02-कार्यक्रम का शुभारम्भ करते कृषि मंत्री
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