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काशी दीप विजन महताब आलम की रिपोर्ट ग़ाज़ीपुर *लाचार-बेसहारा की सेवा सच्ची इंसानियत आल इंडिया पयामे इंसानियत फोरम ग़ाज़ीपुर यूनिट की ओर से आज बीती रात अर्थात दिनांक 16 मई दिन शुक्रवार को निरंतर चौथे हफ़्ते गाज़ीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर लाचार और बेसहारा लोगों में खाना खिलाया गया और उनका कुशल क्षेम पूछा गया। कार्यक्रम संयोजक नजमुस्साकिब अब्बासी ने कहा कि आज का खाना खिलाने का कार्यक्रम मानव से प्रेम का बड़ा उदाहरण है तथा हमें एक दूसरे की तकलीफों और आवश्यकताओं को समझने और उनके निराकरण में अपना हर सम्भव सहयोग प्रदान करने की प्रेरणा देते हैं और उसका निदान कराते हैं। आबिद हुसैन ने कहा कि हम लोग मानवता के लिए निरंतर कार्य करते आ रहे हैं और हमारे यहां की संस्कृति है कि हम हर किसी के दुःख दर्द में काम आएं। अरमान अंसारी ने कहा कि हम लोग कई बरसों से इन बेघर लोगों की सेवा करते आ रहे हैं और हमारी कोशिश रहती है कि ज़रूरतमंदों तक हमारी सेवाएँ पहुंचे और उन्हें खुशी मिले। असजद सिद्दीकी ने कहा कि वर्तमान में जबकि मानवता संकट में है तो ज़रूरत है कि समाज के मध्य जाकर उनमें मानवता का संचार किया जाय और उनके दुःख-दर्द में शामिल हुआ जाय। मुहम्मद फैसल ने कहा हम ऐसे ही अगर निस्वार्थ भाव से सेवा करते रहे तो देश में एक बेहतर समाज की स्थापना करना संभव होगा। दानियाल अहमद ने कहा कि मानवता की सोच को बढ़ावा देने के लिए हम लोगों ने भूखमरी से मुक्त अभियान के तहत ये आयोजन किया है और आगे भी हम लोग प्रयासरत हैं कि निरंतर ये सेवा करते रहें और भूखों का खाना खिलाते रहें। अच्छे लाल कुशवाहा ने कहा कि नफ़रत को नफ़रत से नहीं बल्कि प्रेम के माध्यम से हराया जा सकता है और ये खाना खिलाना इसी लिए है। असगर अली ने कहा कि मानवता के नाम पर समस्त मानव समाज को एकजुट किया जा सकता है,आज समाज में जो विघटन है उसे दूर करने के लिये मानवता के कार्यों से समाज को जोड़ना ज़रूरी है,इसलिये हम लोग ये सेवा कर रहे हैं। मुहम्मद सैफ ने कहा कि हम लोगों की सोच है कि इंसानियत की खिदमत का जहाँ भी मौक़ा मिले उसे गंवाया न जाय और उसे अपना सौभाग्य समझा जाय,इसलिए भूखों को खाना खिलाने का कार्य हम कर रहे हैं। बिलाल अहमद ने कहा कि वर्तमान में जबकि मानवता संकट और गहरा गया है तो ऐसे में ज़रूरत है कि समाज के मध्य जाकर उनमें मानवता का संचार किया जाय और उनके दुःख-दर्द में शामिल हुआ जाय। अबूजर सिद्दीकी ने कहा कि लोगों की खैर_खैरियत लेने का ये सबसे बढ़िया माध्यम है, ऐसे कामों में हम जब हिस्सा लेते हैं तो हमें बहुत खुशी होती है। सतीश उपाध्याय ने कहा कि हम लोग ज़रूरतमंदों को खाना खिलाकर खुशी महसूस कर रहे हैं और आज हम मानवता के इस कारवां में शामिल होकर अपने को धन्य महसूस कर रहे हैं। पवन कुमार ने कहा कि हम हर किसी के दुःख दर्द में काम आएं,भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए एक दूसरे से मिलें और उन्हें मुहब्बत का भूला हुआ सबक याद दिलाएं। शाहनवाज सिद्दीकी ने कहा कि समाज को जोड़ने वाले ऐसे कार्यों से लोगों में प्रेम और भाईचारे का अंकुर फूटता है ऐसे में उसे सौहार्द की खाद-पानी देते रहना होगा। अब्दुस्समद सिद्दीकी ने कहा कि हम अगर ऐसे ही निस्वार्थ भाव से सेवा करते रहे तो एक दिन नफरत को खत्म करने में हम जरूर कामयाब होंगे। द्वारा जारी:-'नजमुस्साकिब अब्बासी नदवी'कार्यालय:ऑल इंडिया पयामे इंसानियत फोरम ग़ाज़ीपुर यूनिट,शौकत मंज़िल,मियांपुरा,ग़ाज़ीपुर,यूपी

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