अरुण सिंह पूर्व चेयरमैन डीसीबी गाजीपुर के नेतृत्व में पहलगाम में आतंकी हमला के विरोध में पाकिस्तान का पुतला फूंका गया।जमानियां। तहसील मुख्यालय स्थित बंगाली चाय वाले के दुकान पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे अरुण सिंह पूर्व चेयरमैन डीसीबी गाजीपुर के नेतृत्व में पहलगाम आतंकी हमला के विरोध में पाकिस्तान और आतंकियों का पुतला फूंका। इस दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। नेता अरुण सिंह ने कहा कि आतंकियों ने पुरुष पर्यटकों से नाम और धर्म पूछकर उन्हें गोली मारी पाकिस्तान की सोची समझी साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि वहां मौजूद पर्यटकों ने बताया कि हमले के समय वहां कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। और सेना का शिविर नीचे की ओर स्थित था।सिंह ने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पाकिस्तान और उसके आतंकियों का पुतला फूंकने के बाद बताया कि 23 अप्रैल, 2025 को पहलगाम के बैसरन इलाके में सुरक्षा बल तलाशी अभियान में व्यस्त थे। जिसमें 26 पर्यटक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। सिंह ने रोष जताते हुए कहा कि दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों के मारे जाने के एक दिन बाद हमले में बच गए महाराष्ट्र निवासी पारस जैन (40) ने कहा कि छद्म वर्दी पहने आतंकवादियों ने बैसरन के विशाल घास के मैदान के चारों कोनों से पर्यटकों को निशाना बनाया। रोष जताते हुए अरविंद सिंह ने कहा किआतंकियों ने पुरुष पर्यटकों का नाम और धर्म पूछा और उन्हें बिल्कुल नजदीक से गोली मार दी। वे बस लोगों को गोली मार रहे थे। वे बिना जांच के इस जगह पर बंदूकें कैसे ले जा सकते थे। मैं सेना की क्षमता पर सवाल नहीं उठा रहा हूं। लेकिन एक शिविर यहां होना चाहिए था। सिंह ने घटना को याद करते हुए कहा कि पहलगाम में जिस तरह से पर्यटकों को निशाना साधकर गोली मारी गई। हम सभी सदमे में हैं। जब ऐसे दृश्य के बारे में सोचता हूं। तो घटना मेरे आंखों के सामने आ जाता है। उसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। आतंकवादी पूछ रहे थे। कि लोग हिंदू हैं या मुसलमान। जो जवाब नहीं देते थे। उन पर वे अंधाधुंध गोलियां चला रहे थे। उक्त मौके पर राजेंद्र गिरी,राजेश सिंह गुड्डू,शिवप्रसाद सिंह,बृजेश जायसवाल, संतोष वर्मा, मुन्ना गुप्ता, सुखराज पासवान, धर्मेंद्र सिंह, सुनील सिंह, मनोज राय, धर्मेंद्र सिंह, ऋषिकेश सिंह, राकेश तिवारी, बबलू प्रधान रविन्द्र राय आदि सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। सलीम मंसूरी जमानिया
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