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स्वच्छता प्रहरी प्रमोद निगम हत्याकांड में मुख्तार अंसारी के शूटरों के खिलाफ ऐतिहासिक फैसला स्वच्छता दूत प्रमोद निगम हत्याकांड में मुख्तार अंसारी के शूटरों को मिली आजीवन कारावास की सजा। वाराणसी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय पंचम वाराणसी एमपी एमएलए न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह की कोर्ट ने 15 अप्रैल मंगलवार को राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी संगठन संस्थापक/सचिव स्वच्छता प्रहरी प्रमोद निगम हत्या के आरोपी मुख्तार अंसारी गिरोह के कुख्यात पेशेवर शूटर नंदलाल राय उर्फ बबलू लंगड़ व शेषनाथ शर्मा को धारा 302/34 भारतीय दंड संहिता में आजीवन कारावास की सजा व 50 - 50 हजार रुपए का अर्थदंड एवं धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम में 3 साल की सजा और 10 हज़ार रुपये अर्थदंड लगाया। 17 जनवरी 2017 को दिनदहाड़े प्रमोद निगम की निर्मम हत्या के उपरांत निवास स्थान हुकुलगंज से निकली शवयात्रा में बड़ी संख्या में उमड़ा जनसैलाब चौकाघाट चौराहे से घटनास्थल इंग्लिशियालाइन ले जाने की कोशिश करने लगे।जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नितिन तिवारी,क्षेत्राधिकार अनुराग आर्य व भारी पुलिस बल ने स्ट्रीट वेंडरों को समझा कर शव को मणिकर्णिका घाट पहुंचाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ भारत मिशन अभियान में नगर निगम वाराणसी तत्कालीन नगर आयुक्त हरि प्रताप शाही ने प्रमोद निगम को स्वच्छता दूत नामित किया था।प्रमोद निगम भाजपा, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के विभिन्न पदों की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ राम जन्मभूमि आंदोलन में भी अपनी सहभागिता निभा चुके हैं।प्रमोद निगम हत्या आरोपी नंदलाल राय उर्फ बबलू लंगड़ व शेषनाथ शर्मा के ऊपर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, जिला बदर, हत्या, फिरौती, जमीन कब्जा करने के मामले में भी संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत हैं।मुकदमे के वादी अभिषेक निगम ने कहा कि आज से 8 वर्ष पूर्व मेरे पिता की निर्मम हत्या करके पिता का साया सिर से हटाने वाले अभियुक्तगण को न्यायपालिका ने न्याय करते हुए जो दंड दिया इससे आम जनमानस में न्यायपालिका के प्रति अटूट भरोसा/विश्वास बढ़ गया ।यह जीत करोड़ों स्ट्रीट वेंडरों की भावनाओं/मानसम्मान,स्वाभिमान व संघर्षों का परिणाम है।जिसके लिए न्यायपालिका व मोदी–योगी सरकार का आभार प्रकट करता हूं ।अभियोजन पक्ष की तरफ से सजा के बिंदु पर बहस निवर्तमान अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह, शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार सिंह, ओंकार तिवारी व बचाव पक्ष से अनिल राय ने पक्ष रखा।

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