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गंगा का जलस्तर बढ़ने की रफ्तार में आई कमी, धारा में तीव्रता बरकरार जमानियां। विगत दो दिनों की तूफानी रफ्तार के बाद मंगलवार बुधवार को गंगा नदी कुछ नर्मी दिखाने के मूड में आ गई है। गुरुवार को रफ्तार के बाद रफ्तार में कमी बरकरार रहा। हालांकि लग रहा था।की देर शाम कुछ रफ्तार बढ़ेगी। लेकिन ऐसा दिखाई नहीं दिया। तहसील प्रशासन जलस्तर बढ़ने और रुके होने की पल-पल की रिपोर्ट लेते हुए। क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो आवश्यक हिदायतें दिया जा रहा था। बीते सोमवार को बेताब गंगा अपने रौद्र रूप में नजर आने लगी थी। गंगा के इस रौद्र रूप को देखते हुए लोगों के बीच दहशत फैल गई थी। कि पता नहीं आने वाले कल कैसा बीतेगा। इस संबंध में उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया ने बताया कि गंगा नदी की रफ्तार में कमी आनी शुरू हो गई है। जलस्तर बढ़ने की गति कम होकर पांच सेंमी प्रति घंटा की हो गई है। इस बीच पानी का सतह उपर आने के साथ फैलाव होने की वजह से रफ्तार भले ही कम नजर आने लगी है। पर धारा की तीव्रता पूर्ववत ही बनी हुई है। उन्होंने बताया कि तहसील प्रशासन के साथ राजस्व टीम बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। चौरसिया ने कहा कि फिलहाल बाढ़ से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। तब तक इधर गंगा के खतरे के निशान तक पहुंच चुकी है। गंगा नदी की रफ्तार को देखते हुए। श्मशान घाट के तरफ जाने वाले रास्ता पूरी तरह जलमग्न जिसमें बंदर झुंड का झुंड बनाकर पानी में कूद कूद कर सराबोर हो रहे है। तहसील प्रशासन सतर्क। इस दौरान उपजिलाधिकारी ने बाढ़ क्षेत्र का भ्रमण कर बाढ़ प्रभावित इलाकों की रिपोर्ट यथाशीघ्र दिए जाने का आदेश के साथ ही प्रभावित इलाकों के लिए आवश्यक जरूरी वस्तुओं की सूची दिए जाने का आदेश दिया है। उक्त मौके पर तहसीलदार राम नारायण वर्मा, कानूनगो के साथ क्षेत्रीय लेखपाल के अलावा राजस्व टीम कर्मी उपस्थित रहे। फोटोश्मशान घाट के तरफ जाने वाले रास्ता जलमग्न, बंदर झुंड का झुंड बना कर सराबोर हो रहे है। सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया

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