डेंगू के मरीज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने से राहत मिलना संभव हुआ।जमानियां। डेंगू के मरीज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने से राहत मिलना संभव हुआ। खासकर जब पर्याप्त तरल पदार्थ और आराम मिले। बताया जाता है। कि डेंगू का कोई विशिष्ट इलाज नहीं है। लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक डॉ रुद्रकांत सिंह के दिशा निर्देश पर चिकित्सक डॉ देवेंद्र कुमार के सही सलाह से मरीज के लक्षणों को नियंत्रित कर लिया। डेंगू मरीज मंजू देवी पत्नी राधेश्याम गुप्ता निवासी स्टेशन बाजार को खासकर बुखार और दर्द से काफी परेशानी हालत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती हुई। जिसके बाद चिकित्सक डॉ देवेंद्र कुमार सही सलाह और सही ढंग से इलाज करना शुरू किया। जिसके बदौलत डेंगू मरीज को बुखार और दर्द से काफी राहत महसूस किया। मरीज का प्लेट लेट बढ़ने लगा। और धीरे धीरे मरीज अपने को राहत महसूस करने लगी। अबतक डेंगू के तीन मरीज भर्ती हुए। और तीनो मरीज मुक्कमल ठीक होने के बाद चिकित्सक को सही सलाह और इलाज के लिए धन्यवाद दिया। बताया जाता है। कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मिलने वाली राहत के कारण डेंगू के इलाज में तरल पदार्थ का सेवन बहुत महत्वपूर्ण है। उक्त मौके पर केंद्र प्रभारी चिकित्सक डॉ रुद्रकांत सिंह एवं चिकित्सक डॉ देवेंद्र कुमार ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले डेंगू मरीज को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीने की सलाह देते हैं। जिससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि डेंगू का लक्षण मिलते ही उसका सही सलाह और दवाइयां चालू कर दिया जाता है। जिससे मांसपेशियों के दर्द और बुखार को कम करने में मदद करती हैं। डॉ रुद्रकांत सिंह ने बताया कि सही सलाह देकर डॉक्टर यह सुनिश्चित करते हैं। कि मरीज एस्पिरिन या आइबुप्रोफेन जैसी दर्द निवारक दवाएं न लें। क्योंकि ये दवाएं डेंगू में रक्तस्राव के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। चिकित्सक डॉ देवेंद्र कुमार ने बताया कि डेंगू जैसे जोखिम की पहचान कर चिकित्सक डेंगू के गंभीर चेतावनी संकेतों (जैसे पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी आदि) की पहचान किया जाता है। और ऐसे मरीजों को तुरंत छोटे अस्पताल से बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर देते है। उन्होंने नगर कस्बा सहित ग्रामीण अंचलों के लोगों से अपील किया है। कि अगर डेंगू के लक्षण हैं। तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और उनकी सलाह का पालन करें। मरीज को आराम करना चाहिए। और ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। और शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए ढेर सारे तरल पदार्थ पीना चाहिए। केंद्र प्रभारी ने डेंगू के लक्षण के बारे में बताया कि मरीजों में सुस्ती, भ्रम, या हाथों-पैरों का ठंडा होना जैसे लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत पड़ती है। और यदि ये दिखाई दें। तो तत्काल चिकित्सक से परामर्श करने के बाद इलाज के माध्यम से मदद लें। सलीम मंसूरी की रिपोर्ट वाराणसी
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