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3-- यूपी में कानून व्यवस्था ध्वस्त, पीड़ित जेल में, हमलावर कर रहे मौज-- लाल बिहारी वाराणसी -- उत्तर प्रदेश सरकार के नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद सदस्य लाल बिहारी यादव ने मंगलवार को जेल में बन्द समाजवादी पार्टी के नेता हरीश मिश्रा से मिलने के उपरान्त अपरान्ह तीन बजे सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि विगत 12 अप्रैल को सिगरा थाना अंतर्गत काशी विद्यापीठ के पास सपा नेता हरीश मिश्रा के घर पर करणी सेना से संबंधित सात आठ की संख्या में आए हमलावरों द्वारा हरीश मिश्रा के ऊपर जानलेवा हमला किया गया। मोहल्ले वालों ने जब देखा कि बाहरी व्यक्ति द्वारा हरीश मिश्रा को मारा- पीटा जा रहा है तो मुहल्ले वालों ने मिलकर उन हमलावरों की पिटाई शुरू कर दी, जिसके कारण हमलावर वहां से भाग खड़े हुए। मौके से दो लोग पकड़े गए इस घटना के चार पांच दिन पहले से ही हरीश मिश्रा के फोन पर लगातार गाली, गलौज और जान से मारने की धमकी करणी सेना के लोगों द्वारा दी जा रही थी। इसकी सूचना थाना अध्यक्ष सिगरा को पार्टी के जिला अध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ द्वारा दी गई थी। लेकिन पुलिस द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। यदि पुलिस थोड़ा सा तत्परता दिखाई होती तो शायद यह घटना घटित न होने पाती। घटना के बाद पकड़े गए लोगों को मोहल्ले वालों ने थाने की पुलिस को सौंप दिया और उनके खिलाफ मुकदमा लिखने की बात कही गई। जिस पर पुलिस आनाकानी लगातार करती रही। जब समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं को इस घटना की जानकारी हुई तो वे लोग भी थाने पर बड़ी संख्या में पहुंच गए तत्पश्चात दोनों हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया। लेकिन अगले दिन सत्ता के दबाव में ठीक उल्टा कर दिया गया। अस्पताल से सीधे हरीश मिश्रा को हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। हमलावरों पर से धारा 109 हटाकर निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। यह घटना पुलिस के घटिया कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाती है। भाजपा सरकार में उत्तर प्रदेश के दलितों के साथ अन्याय, अत्याचार, चरम पर है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आरक्षण और आजादी तो छीन ही रही है, अब तो सत्ता संरक्षित प्रभुत्ववादी दबंग और गुंडे जान ले रहे हैं। आगरा में करणी सेना के नाम पर जिस तरह से भीड़ द्वारा असलहे व तलवार लहराए गए वह उत्तर प्रदेश के कानून व्यवस्था को खुलेआम मुंह चिढ़ा रहा है। आज तक उनके खिलाफ योगी सरकार ने कोई भी कार्रवाई नहीं की। इस भीड़ में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद व तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी को गोली मारने की बात भी कही गई थी। वहीं सिगरा थाने पर हरीश मिश्रा के समर्थन में मुकदमा लिखवाने समाजवादी पार्टी के लोग जब पहुंचे तो उनके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया।यह दोहरा मापदण्ड क्यों है। कानून तो सबके लिए बराबर होना चाहिए। सूचना के बावजूद पुलिस आयुक्त वाराणसी एवं सिगरा थाना अध्यक्ष मुझसे मिलने नहीं आए, जो प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है। उनके द्वारा इस मामले को विधानसभा में उठाते हुए इसका जवाब भी मांगा जायेगा। पत्रकार वार्ता के दौरान विधान परिषद सदस्य लाल बिहारी यादव के साथ-साथ जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट भी मौजूद रहे।फोटो -03- पत्रकार वार्ता करते नेता प्रतिपक्ष लालबिहारी

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